गढ़वाल में परमार वंश से संबन्धित महत्वपूर्ण प्रश्न

उत्तराखण्ड का इतिहास – परमार वंश

परमार वंश से संबन्धित महत्वपूर्ण प्रश्न परमार वंश का आदिपुरुष / संस्थापक था – कनकपाल ‘गढ़वाल एन्शियण्ट एण्ड मौडर्न’ प्स्तक के लेखक थे – पातीराम ‘पुराना दरबार’ नमक राजप्रसाद स्थित है – टिहरी में ‘सभासार’ नामक ग्रंथ के लेखक थे – सुदर्शनशाह गढ़राज्य में भाटों द्वारा रचित गीत कहलाते है …

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कुमाऊँ के चंद राज्य वंश से संबन्धित महत्वपूर्ण प्रश्न

कुमाऊँ के चंद राज्य वंश से संबन्धित महत्वपूर्ण प्रश्न

    चंद राज्य वंश कुमाऊँ के चंद राज्य वंश से संबन्धित महत्वपूर्ण प्रश्न   कुमाऊँ के चंदवंशी राजपूत निवासी थे – झूसी के झूसी स्थित है – इलाहाबाद (प्रयाग) मे फूलपुर से करीब 21-22 किमी॰ दूर दक्षिण-पश्चिम में गंगा नदी के बाएँ तट पर चंद राज्य वंश का संस्थापक …

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उत्तराखण्ड का इतिहास (History Of Uttarakhand)- परमार वंश

उत्तराखण्ड का इतिहास – परमार वंश

उत्तराखण्ड का इतिहास – परमार वंश परमार (पंवार) वंश परमार वंश का संस्थापक कनकपाल को माना जाता है। इस तथ्य की पुष्टि श्री बैकेट द्वारा प्रस्तुत पंवार वंशावली एवं सभासार नामक ग्रन्थ से होती है। इसके अतिरिक्त परमार वंशावली कैप्टन हार्डविक, विलियम एवं एटकिन्सन महोदय ने भी दी है। एटकिन्सन …

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उत्तराखण्ड के प्रमुख व्यक्ति और उनके उपनाम

  उत्तराखण्ड के प्रमुख व्यक्तियों के उपनाम   उपनाम मूलनाम गुमानी लोक रत्न पन्त गुसै या सै सुमित्रा नन्दन पन्त गौर्दा गौरीदत्त पाण्डे पिंगला या प्यौंला जियारानी अल्मोड़ा की बेटी आइरिन पन्त नाक काटने वाली रानी कर्णावती सरला बहन मिस कैथरिन हैलीमन चिपको वूमन गौरा देवी मैती कल्याण सिंह रावत …

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उत्तराखण्ड के पारम्परिक परिधान एवं आभूषण

  उत्तराखण्ड की स्त्रियों द्वारा पहने जाने वाले प्रमुख आभूषण   उत्तराखण्ड राज्य में स्त्रियों द्वारा धारण किये जाने वाले प्रमुख पारम्परिक आभूषण इस प्रकार हैं-   आभूषण धारण अंग विशेषता सीसफूल, बंदी (बांदी), सुहाग बिन्दी माथे में सौभाग्य का प्रतीक मुर्खली (मुर्खी) कान में – बुजनी/तुग्यल कान में – …

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उत्तराखण्ड की नाट्य कला (फिल्म एवं अन्य)

नाट्य कला (फिल्म एवं अन्य) गढ़वाली-कुमाऊँनी बोली में सिनेमा का इतिहास 1981 के फिल्म जग्वाल(गढ़वाली में) शुरू होता है। 1981 से 2009 तक कुल 58 गढ़वाली बोली की और 4 कुमाऊँनी बोली की फिल्में प्रदर्शित हुई हैं। सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या घटने के कारण 2005 के बाद प्रायः वीडियो फिल्में …

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