उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध मेले

उत्तराखण्ड के प्रमुख मेले मेले स्थल विशेषताएं नन्दादेवी मेला अल्मोड़ा सामान्य रूप से कुमाऊँ तथा गढ़वाल में कई जगह, विशेष रूप से अल्मोड़ा के नन्दादेवी परिसर श्रावणी मेला अल्मोड़ा जागेश्वर धाम में, श्रावण में सोमनाथ मेला अल्मोड़ा (रानीखेत) पशुओं का क्रय-विक्रय गणनाथ मेला अल्मोड़ा गणनाथ में, कार्तिक पूर्णिमा स्याल्दे-बिखौती मेला …

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उत्तराखण्ड राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थल Part – 3

  पंचकेदार     1.       केदारनाथ – रुद्रप्रयाग में स्थित केदारनाथ शिवाजी के 12 ज्योर्तिलिंगों में से 11 वां श्रेष्ठ ज्योर्तिलिंग माना जाता है। इस मंदिर के कपाट श्रावण पूर्णिमा के दिन खुलते हैं। समुद्र ताल से 3584 मी. की ऊंचाईपर स्थित है। संस्कृत में केदार शब्द का प्रयोग दलदली …

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उत्तराखण्ड राज्य से संबन्धित 50 महत्वपूर्ण प्रश्न

उत्तराखण्ड राज्य से संबन्धित महत्वपूर्ण प्रश्न 1.       टिहरी राज्य का भारतीय संघ में विलिनीकरण हुआ – 1949 2.       उत्तराखण्ड में सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित मंदिर है – तुंगनाथ 3.       केदारनाथ मंदिर का निर्माण किया – चन्द राजाओं ने 4.       चम्पावत को बसाया गया – राजा सोमचन्द्र द्वारा 5.       नन्दा देवी …

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उत्तराखण्ड राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थल part 2

  प्रसिद्ध चार धाम यात्रा      चार धाम यात्रा उत्तराखण्ड के यमुनोत्री से शुरू होकर गंगोत्री, केदारनाथ होते हुए बद्रीनाथ पर समाप्त होती है 1.  यमुनोत्री – उत्तरकाशी जनपद में स्थित यमुनोत्रीतल से 4421 मी. की ऊंचाई पर बंदरपूंछ पर्वत पर स्थित है यहाँ का मुख्य मंदिर यमुना देवीको समर्पित …

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उत्तराखण्ड राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थल part 1

  राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थल/पर्यटक स्थल     Ø  पंचप्रयाग – दो नदियों के संगम को प्रयाग कहा जाता है। किंवदन्ती के अनुसार शिव की जटाओं से 3 धाराओं भागीरथी,अलकनन्दा, मन्दाकिनी का जहाँ जहाँ पर संगम हुआ या जिस नदी पर ये तीनों धाराये मिली वहाँ पर प्रयाग बनते …

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उत्तराखण्ड : परिवहन तंत्र

यातायात के साधन     ·         उत्तराखण्ड का पर्वतीय भू भाग धरातलीय विषमताओं के कारण यातायात के साधनों के विकास में बाधक है। सड़कों का निर्माण और रख रखाव मैदानी भागों की अपेक्षा काफी खर्चीला है। उत्तराखण्ड के सामरिक महत्व को देखते हुए सड़क निर्माण पर बल दिया जाने लगा …

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