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Sarvnam/सर्वनाम (Pronoun) और उसके भेद

सर्वनाम के प्रयोग सम्बन्धी अनुदेश

  • स्त्रीलिंग और पुल्लिंग के आधार पर सर्वनाम में परिवर्तन नहीं होता। जैसे यह, वह, मैं, तुम आदि स्त्रीलिंग और पुल्लिग दोनों में समान रहते हैं-जैसे
  • वह खाता है।
  • वह खाती है।
  • वचन और कारक के आधार पर सर्वनामों में रूपान्तर होता है; जैसे-मैं-हम, तू-तुम, मेरा-हमारा; आप-आपने, आपसे, आपको, आपके लिए इत्यादि।
  • सर्वनाम जिस संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होता है उसी के अनुसार लिंग और वचन चलते हैं।
  • उत्तम पुरुष सम्बन्ध कारक के चिह्न ‘का’, ‘की’, ‘के’ क्रमशः ‘रा’, ‘रे’ के रूप में बदल जाते हैं।
  • ‘मैं’, ‘तू’, ‘यह’, ‘वह’ विभक्ति रहित सर्वनाम कर्ता कारक के बहुवचन में क्रमशः ‘हम’, ‘तुम’, ‘ये’, ‘वे’ के रूप में परिवर्तित हो जाते हैं।

 

सर्वनाम : एक नजर में

 

1.पुरुषवाचक(i)उत्तम पुरुषमें, हम
(ii)मध्यम पुरुषतू, तुम, आप
(iii)अन्य पुरुषवह, वे, यह, ये
2.निश्चयवाचक(i)निकटवतीयह, ये
(ii)दूरवर्तीवह, वे
3.अनिश्चयवाचक(i)प्राणि बोधक-कोई
(ii)वस्तु बोधककुछ
4.सम्वन्धवाचकजो, सो
5.प्रश्नवाचक(i)प्राणि बोधककौन
(ii)वस्तु बोधकक्या
6.निजवाचकआप

 

सर्वनाम के विकारी रूप : विभिन्न कारकों में प्रयुक्त होने पर सर्वनाम शब्दों के रूप पैरिवर्तित हो जाते हैं। सर्वनाम का प्रयोग सम्बोधन में नहीं होता। इसके विकारी रूप हैं—मैने, मुझको, मुझसे, हमने, हमको, हमसे, मेरा, हमारा, उसने, उसको, तुमने, तुमको, आपने, आपको, तुझे, तुम्हारा, तुमसे, इसने, इसको, किसको आदि ।

सर्वनाम का पद परिचय (Parsing of Pronoun) : किसी वाक्य में प्रयुक्त सर्वनाम का पद परिचय देने के लिए पहले सर्वनाम का भेद, लिंग, वचन, कारक एवं अन्य पदों से उसका सम्बन्ध बताना पड़ता है। जैसे-

  1. मैं पुस्तक पढ़ता हूं।

मैं—सर्वनाम, पुरुषवाचक, उत्तम पुरुष, पुलिंग, एकवचन, कर्ता कारक, पढ़ना क्रिया का कर्ता।

  1. चाय में कुछ पड़ा है।

कुछ–सर्वनाम, अनिश्चयवाचक, पुलिंग, एकवचन, कर्मकारक, पड़ा क्रिया का कर्म ।

 


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